राजस्थान सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के बाद राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत अब अधिक महंगाई भत्ता (DA) मिलेगा, जिससे उनकी मासिक आय में बढ़ोतरी होगी।
महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% हुआ
सरकार के फैसले के अनुसार राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) प्रदान की जाएगी। इससे पहले कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिल रहा था। दो प्रतिशत की यह वृद्धि सीधे कर्मचारियों और पेंशनधारकों की आय में इजाफा करेगी और बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें राहत मिलेगी।
लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा लाभ
इस फैसले से राजस्थान के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा। इसके साथ ही लगभग 4.4 लाख पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत में वृद्धि का लाभ मिलेगा। पंचायत समितियों और जिला परिषदों में कार्यरत कर्मचारियों को भी इस फैसले का लाभ मिलने वाला है।
बढ़ा हुआ डीआर पेंशनभोगियों को नकद मिलेगा
सरकार के निर्देश के अनुसार बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अप्रैल 2026 के वेतन के साथ दिया जाएगा, जिसका भुगतान मई 2026 में होगा। जनवरी से मार्च 2026 तक का बकाया कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा। वहीं पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई महंगाई राहत नकद रूप में प्रदान की जाएगी।
सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में इस वृद्धि के बाद राज्य सरकार पर लगभग 820 करोड़ रुपये का वार्षिक अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है। हालांकि सरकार का मानना है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देना आवश्यक है क्योंकि बढ़ती महंगाई के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
केंद्र सरकार ने भी बढ़ाया महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार 1 जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों को अतिरिक्त डीए किस्त देने को मंजूरी दी गई है, जिससे लगभग 48.66 लाख कर्मचारियों और 66.55 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।
महंगाई भत्ता कैसे किया जाता है तय
महंगाई भत्ता की गणना कर्मचारियों के मूल वेतन के आधार पर की जाती है। इसमें व्यक्तिगत वेतन या अन्य विशेष भत्ते शामिल नहीं किए जाते। यदि गणना के दौरान 50 पैसे या उससे अधिक का अंतर आता है तो उसे अगले पूरे रुपये में बदल दिया जाता है, जबकि 50 पैसे से कम राशि को नहीं जोड़ा जाता।
कर्मचारियों के लिए राहत का बड़ा कदम
महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों की कुल आय में सुधार होगा और बढ़ती कीमतों के बीच उन्हें कुछ आर्थिक राहत मिलेगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद कर्मचारियों की सैलरी में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।